जब ओम प्रकाश रो पड़े किस्सा tv से साभार
ओम प्रकाश जी की आंखों से टप टप आंसू बह रहे थे। उनके हाथ में एक चिट्ठी थी जो उन्होंने अभी खोली भी नहीं थी। उस चिट्ठी में क्या लिखा था अभी तक उन्हें पता भी नहीं चला था। लेकिन चूंकि वो चिट्ठी लाहौर से आई थी तो वो उनके लिए बहुत खास थी। उनके आस-पास कई लोग मौजूद थे। और सभी बड़े हैरान थे। क्योंकि किसी ने भी ओम प्रकाश जी को पहले कभी ऐसे रोते नहीं देखा था। ये चिट्ठी वाली कहानी आपको पसंद आएगी साथियों। कल जैसा कि मैंने कहा था कि ओम प्रकाश की एक कहानी मैं आपसे अगले दिन(आज) शेयर करूंगा, जो आपको अच्छी लगेगी। तो ये वही कहानी है। कल ओम प्रकाश जी की पुण्यतिथि थी। चलिए आप और हम ओम प्रकाश जी को इस कहानी के बहाने याद कर लेते हैं। बहुत अच्छे अदाकार थे ओम प्रकाश जी। ये कहानी भी उतनी ही अच्छी है। ये 1980 का किस्सा है। मशहूर पाकिस्तानी गज़ल गायक गुलाम अली खान उस साल पहली दफ़ा भारत में कॉन्सर्ट करने आए थे। उनके साथ उनकी टीम के भी कुछ लोग थे, जिनमें से एक थे अब्दुल सत्तार तारी। अब्दुल सत्तार तारी बहुत प्रतिभाशाली तबला वादक थे।(हैं अभी भी वो) लोग उन्हें तारी भाई कहा करते थे। आगे चलकर वो तारी खान के नाम से म...