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Showing posts from January, 2025

एलोवेरा हेल्थ एडवाइस से साभार

 एलोवेरा एक रसीला पौधे है और इसके पत्तों में पानी का भंडार है, जो मोटी और मांसल हैं। इसकी पत्तियां दो पदार्थ उत्पन्न करती हैं - जेल, जो कि कई अन्य पोषक तत्वों में मिश्रित होती है, और रस, जिसे एलो लेटेक्स भी कहा जाता है। एलोवेरा जेल व्यापक रूप से सनबर्न को दूर करने और घावों को ठीक करने के लिए जाना जाता है। जेल आमतौर पर कच्चे रूप में और सीधे प्रभावित त्वचा पर लगाया जाता है। एलोवेरा जेल त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है, धूप की कालिमा, कीट के काटने, रैश, कटौती और घावों के साथ मदद कर सकता है। यह एंटिफंगल, जीवाणुरोधी है और कोशिकाओं के उत्थान में मदद करता है। एलोवेरा लेटेक्स का स्वाभाविक रूप से अवसाद, कब्ज, अस्थमा और मधुमेह के इलाज के लिए प्रयोग किया जाता है। एलोवेरा में कई विटामिन और मिनरल शामिल हैं जो शरीर के सभी प्रणालियों के उचित विकास और कार्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। #एलोवेरा के लाभ - Aloe Vera झुर्रियों से मुक्त त्वचा के लिए:इसमें त्वचा, शरीर और स्वास्थ्य के लिए बहुत से लाभ हैं। एक शानदार एंटी-बैक्टीरिया, अनुत्तेजक पौधे के रूप में काम करने के अलावा, यह झुर्रियों से छुटकारा पाने ...

अरंडी का तेल

 हर रोग की रामबाण दवा अरंडी का तेल और पत्ते ☘️ गांव में अरंडी के पौधे आज भी हर कहीं उगे हुए देखे जा सकते है... गांव के लोग अरंडी को बहुत अच्छे से जानते है, जब भी कभी मोच आ जाती हैं अरंडी के पत्ते सबसे पहले याद आते है... वैसे अब स्थिति बदली हैं, जरा सा कुछ होने पर भी डॉक्टर,मेडिकल पर टूट पड़ते है...हमनें अपनी स्थिति भले ही बदल ली हैं लेकिन पौधे ने अपना गुण धर्म नही खोया है... आज शहरी जगत में हर कहीं Castor-oil की चर्चा आपको सुनने को मिल जाएगी,उसके गुणों का बखान भी मिला जाएगा,,पर उसका सीधा इस्तेमाल कोई नही करता,ओर अधिकतर लोग पौधे को भी नही पहचानते.....अरंडी के तेल में पाए जाने वाले गुणों की वजह से यह स्वास्थ्य और सुंदरता दोनों में फायदा करता है। जानते है अरंडी के तेल के फायदे है।  अरण्डी का आयल और नारियल के तेल की कुछ बुँदे ले औइसे 1.चेहरे के काले धब्बो पर लगाए इससे काले धब्बे मिट जाएंगे। 2 .गठिया रोगी व्यक्ति की अरंडी के तेल से मालिश करने पर उसे दर्द में आराम होता हैं। यह मांसपेशियों के दर्द को कम करता है। 3.कब्ज के लिए कैस्टर ऑयल का उपयोग कैसे करें तो इसके लिए आधा चम्मच तेल एक...

सुपारी

 जो लोग पान खाते हैं या पूजा-पाठ के लिए पान को प्रयोग में लाते हैं, वे सुपारी (Betel nut in Hindi) के बारे में भी जरूर जानते होंगे। पान के साथ-साथ सुपारी का प्रयोग गुटखा-तंबाकू आदि के लिए भी किया जाता है। सच यह है कि अधिकांश लोग सुपारी को केवल इन्हीं चीजों के उपयोग के लिए जानते होंगे, लेकिन असलियत सिर्फ इतना नहीं है। आयुर्वेदिक किताबों के अनुसार, सुपारी एक गुणी औषधि है। आप सुपारी के फायदे भिन्न-भिन्न रोगों की रोकथाम या इलाज में ले सकते हैं। शायद आप भी सुपारी खाने के फायदे के बारे में नहीं जानते होंगे। पतंजलि में अनुसार, सुपारी एक जड़ी-बूटी है, जिसके इस्तेमाल से रोगों को ठीक करने में मदद मिलती है। सुपारी के इस्तेमाल से कई बीमारियों को इलाज भी किया जा सकता है। आइए सुपारी के फायदे के बारे में जानते हैं। सुपारी खाने से कई फ़ायदे होते हैं. सुपारी में कई औषधीय गुण होते हैं. सुपारी खाने से पाचन तंत्र मज़बूत होता है और शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकलते हैं. सुपारी खाने के कुछ फ़ायदे ये रहे:  सुपारी में एंथेल्मिंटिक गुण होते हैं, जिससे दांतों में कैविटी नहीं होती.  सुपारी खाने से ...

जायफल

 जायफल किस काम आता है? जायफल एक प्रकार की देसी वियाग्रा की तरह काम करता है। जायफल पर हुई कई रिसर्च में ये बात सामने आई है कि पुरुष नियमित तौर पर इसका सेवन करने से उनके स्टेमिना में बढ़ोतरी होती है। इतना ही नहीं जायफल पुरुषों की फर्टिलिटी बढ़ाने में भी मदद कर सकता है। सुबह-सुबह खाली पेट आधा चम्मच जायफल चाटने से गैस्ट्रिक, सर्दी-खांसी की समस्या नहीं सताती है। पेट में दर्द होने पर चार से पांच बूंद जायफल का तेल चीनी के साथ लेने से आराम मिलता है। आयुर्वेद में जायफल (Nutmeg) को एक महत्वपूर्ण औषधि माना जाता है। यह अपने औषधीय गुणों के लिए प्रसिद्ध है और कई स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने में सहायक होता है। इसके उपयोग के कुछ प्रमुख आयुर्वेदिक लाभ निम्नलिखित हैं: 1. पाचन में सुधार: जायफल में पाचक गुण होते हैं जो अपच, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं। यह भूख बढ़ाने और पाचन तंत्र को संतुलित रखने में सहायक है। 2. नींद में सुधार: जायफल का सेवन अनिद्रा (Insomnia) जैसी समस्याओं में लाभकारी माना गया है। सोने से पहले गर्म दूध में चुटकी भर जायफल मिलाकर पीने से शांत नींद आती है...

*देशी गाय का दूध*

भारतीय वांग्मय तथा आयुर्वेद गाय और गाय के दूध में जो गुण हजारों वर्षों पहले भारतीय विद्वानों ने (ऋषियों ने) बताये हैं वहीं सब आज का आधुनिक विज्ञान भी कह रहा है मान रहा है। *--------------------------* यह मूल पोस्ट  हमारी नहीं है अमेरिका के कृषि एवं पशुपालन विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तक THE COW IS A WONDERFUL LABORATORY* पर आधारित है।   *भारतीय और विदेशी गाय A 1 और A 2 दूध की पौष्टिकता में अंतर* *आयुर्वेद सरल चिकित्सा* *---------------------------* यह पोस्ट वैज्ञानिक शोधों पर आधारित है। क्या यह सही है कि A 1 दूध पीने से दिल की बीमारियां ब्लड प्रेशर , डायबिटीज या और बीमारियां होती हैं ? क्या सभी विदेशी गायों के दूध में A 1 और देसी गायों के दूध में बीटा केसीन होता है। क्या वाकई A 1 और A 2 दूध की पौष्टिकता में कोई अंतर है। *------------------------------------* गाय के दूध में नस्ल के अनुसार बीटा केसीन पाया जाता है वैज्ञानिक शोध से यह ज्ञात होता है सभी गायों के दूध में आज से 400 , वर्ष पहले बीटा केसीन 2नामक प्रोटीन ही पाया जाता था कालान्तर में जलवायु और ज...