बाजरा*


बाजरा एक मोटा अनाज है जो स्वास्थ्य के लिए अति उपयोगी  है बाजरे  में पोषक तत्वों की भर मार है जो भारत के सभी क्षेत्रों में उगाया जाता है भारत में गेहूं चावल के बाद यह सबसे अधिक खाया जाने वाला अनाज है विशेष रूप से राजस्थान मध्यप्रदेश महाराष्ट्र में।

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बाजरा केवल अनाज ही नहीं जादुई उपचार है शुगर कोलेस्ट्रॉल मोटापा मिर्गी फेफड़ों के रोग लिवर और पेट के रोगों का बाजरा दुनिया में चावल गेहूं मक्का जौ और ज्वार के बाद छटा सबसे अधिक खाया जाने वाला अनाज है।

 

बाजरे में फ़ाइबर की मात्रा ज़्यादा होती है, जिससे पाचन तंत्र मज़बूत होता है. इससे कब्ज़, गैस, पेट फूलने जैसी समस्याओं से राहत मिलती है बाजरे में मौजूद जटिल कार्ब्स धीरे-धीरे शरीर में अवशोषित होते हैं, जिससे लंबे समय तक पेट भरा रहने का एहसास होता है. इससे ज़्यादा खाने से रुकने में मदद मिलती है बाजरे में मैग्नीशियम होता है, जो हृदय रोगियों के लिए फ़ायदेमंद होता है. मैग्नीशियम से ब्लड प्रेशर और डायबिटीज़ जैसी बीमारियों का खतरा कम होता है

 बाजरे में मौजूद आयरन खून की कमी को दूर करता है. प्रेग्नेंसी के दौरान भी डॉक्टर अक्सर बाजरे की रोटी खाने की सलाह देते हैं. 

बाजरे की रोटी को पाचन तंत्र के लिए फ़ायदेमंद माना जाता है. 

बाजरे की रोटी गर्म तासीर की होती है, जिससे शरीर को गर्माहट मिलती है. सर्दियों में बाजरे की रोटी खाने से सर्दी-ज़ुकाम और खांसी से बचाव होता है हालांकि, थायरॉइड की समस्या वाले लोगों को बाजरा खाने से बचना चाहिए

 

कैलोरी में कम: बाजरे की रोटी, कम कैलोरी वाले भोजन के रूप में, आपको अधिक मात्रा में खाने की अनुमति देती है बिना अधिक कैलोरी ग्रहण किए। इससे वजन नियंत्रण में आसानी होती है। उच्च फाइबर सामग्री: बाजरे की रोटी में उच्च फाइबर सामग्री होती है, जो पाचन को धीमा कर देती है और लंबे समय तक संतुष्टि की भावना प्रदान करती है इसमें फाइबर की भी मात्रा होती है जो कब्ज से छुटकारा दिलाती है. इस लिहाज से बाजरे को रोटी का सेवन करना शुरू कर देना चाहिए अगर आप हाइपरटेंशन के शिकार हैं तो इसका सेवन करना शुरू कर दीजिए. यह बहुत ...

    बाजरा सर्दी के मौसम में अमृत से कम नहीं बाजरे की रोटी, बाजरे की रोटी पेट में आसानी से पच जाती हैं. साथ ही इसकी वजह से अन्य पदार्थ भी आसानी से पच जाते हैं पेट दर्द, गैस जैसी दिक्कतों को दूर करता है

 

 1. मधुमेह को नियंत्रित करने में सहायक · 2. हृदय रोगों के जोखिम को कम करता है  3. वजन घटाने में सहायक है 4. बालों और त्वचा के अच्छे स्वास्थ्य को बढ़ावा दें · 5. आयरन और फास्फोरस प्रचूर मात्रा में होता है रक्त की कमी को दूर करता है6. आयुर्वेद आचार्यों का मत है बाजरा खाने से मिरगी रोग ठीक करने में सहायक है 7.बाजरे की रोटी खाने से इनफर्टिलिटी चाहे वह पुरुष में हो या महिला में दूर होती है 8.यह कफ को कम करता है इसलिए नजला ज़ुकाम  फेफड़ों का सोफ पानी पड़ना  यहां तक टीबी तक में लाभ कारी है 9.बाजरा लीवर के रोगीयों के लिए फायदे मंद है

 

इन लोगों को बाजरा नहीं खाना चाहिए:

 

जिन लोगों को  बाजरा खाने से एलर्जी है 

जिन लोगों को थायरॉयड विकार है, खासकर हाइपोथायरायडिज्म

जिन लोगों को पाचन संबंधी समस्याएं हैं, जैसे कि चिड़चिड़ा आंत्र सिंड्रोम (आईबीएस) 

बाजरे में कैल्शियम और ऑक्सालेट की मात्रा ज़्यादा होती है, जिससे गुर्दे की पथरी हो  सकती है. बाजरे में फ़ाइबर की मात्रा ज़्यादा होने की वजह से भी पाचन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

 

बाजरे को अपने आहार में धीरे-धीरे शामिल करना चाहिए. खाने से पहले बाजरे को भिगोना, अंकुरित करना या किण्वित करना बेहतर है

 

 अगर आप किडनी की किसी रोग से पीड़ित व्यक्ति को बाजरा नहीं खाना चाहिए बाजरे में गोइट्रोजन होता है, जो थायरॉयड फंक्शन को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, जिन लोगों को गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल

हालांकि बाजरा अनेक स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है, लेकिन इसके संभावित दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक होना भी महत्वपूर्ण है, खासकर तब जब इसका अधिक मात्रा में सेवन किया जाए। बाजरे में ऑक्सलेट की उच्च मात्रा होती है, बाजरे का सेवन तुरंत न बढ़ाएँ क्योंकि इससे पाचन संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं। इन्हें अपने आहार में धीरे-धीरे शामिल करें और किसी भी पाचन संबंधी समस्या से बचने के लिए व्यंजनों में इस्तेमाल करने से पहले बाजरे को भिगोएँ। खाने से पहले बाजरे

अगर आप इरिटेबल बोवेल सिंड्रोम, क्रोहन डिजीज या फिर इंफ्लेमेटरी बावेल डिजीज से ग्रस्त हैं तो ऐसे में आपको बाजरे के सेवन से बचना चाहिए. इसके सेवन से आपके आंतों और पेट में दर्द की समस्या हो सकती ह एक हेल्दी अनाज होने के कारण बाजरा आमतौर पर सेफ ही होता है।

बाजरा के वैसे तो कोई ज्यादा हानिकारक प्रभाव नहीं हैं, फिर भी बाजरे को ठीक से पचाने और संसाधित करने में अत्यधिक समय लगता है जो हानिकारक हो सकता है। बाजरा में गोइटेरोगेनिक पदार्थ होते हैं

 

कुपोषण पेट में सूजन · आयोडीन की कमी. बाजरा बाजरा एक आम एलर्जी तो नहीं है। जिन लोगों को बाजरे से एलर्जी है, उन्हें इसे खाने से बचना चाहिए। बाजरे से एलर्जी के लक्षणों में खुजली, सूजन, पित्ती और सांस लेने में कठिनाई शामिल हो सकती है।

 

पाचन समस्याएँ: बाजरा में अपरिपक्व फाइबर की अधिक मात्रा होती है, जिससे पाचन में कई समस्याएँ हो सकती हैं जैसे कि पेट फूलनाडिहाइड्रेशन की प्रॉब्लम हो सकती है। इसलिए बाजरा गर्मी में खाने से बचना चाहिए

 एलर्जी और आईबीएस जैसी कुछ पाचन समस्याओं वाले लोगों को बाजरे का सेवन नहीं करना चाहिए या सीमित मात्रा में करना चाहिए।

संकलन

यशपाल सिंह आयुर्वेद रत्न

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