*चावल*

 *चावल*

*आयुर्वेद सरल चिकित्सा*

       

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 *मनुष्य द्वारा खाये जाने वाले अनाज में चावल   सबसे लोकप्रिय और सबसे अधिक खाया जाने वाला भोजन है पूर्वी और दक्षिणी भारत के रहने वालों का और पूर्वी दुनिया जापान चीन थाईलैंड वियतनाम मलेशिया इंडोनेशिया फिलिपिंस कोरीया कम्बोडिया आदि देशों का तो चावल मुख्य आहार है भारत के उत्तरी और पश्चिमी भाग में भी चावल बड़े चाव से खाते हैं ।

 

*धान से छिलके उतार लिए जाए तो इससे मिले दाने चावल कहलाते है। पके हुए चावल को लोग भात के नाम से भी जानते हैं। इसका वानस्पतिक नाम ओरायजा सटाईवा है। चावल के शीतल और शक्ति बढ़ाने वाले गुण के कारण दुनिया भर के लोग इसे भोजन के रूप में पसंद करते हैं। चावल बारिश के मौसम की फसल है, जो पूरे भारत में उगाई जाती है।

 

खाने के अलावा इसका कोई औषधीय महत्व हो सकता है, इस बात को शायद कम लोग ही जानते हैं। मध्य भारत और भारत के तमाम आदिवासी हिस्सों में लोग भोजन के अलावा चावल का उपयोग अनेक रोगों के निवारण के लिए भी करते हैं। आइए आज जानते हैं मध्यप्रदेश और गुजरात के आदिवासी इलाकों में लोग चावल को किस तरह औषधि के तौर पर इस्तेमाल करते हैं

 

1. चावल को बारीक पीसकर रख लें। इस पाउडर की थोड़ी सी मात्रा पानी में मिलाकर चेहरे पर हल्के-हल्के रोजाना लगाएं। दाग-धब्बे जल्द ही पूरी तरह साफ हो जाएंगे।

 

2. ज्यादा सिर दर्द होने पर उबाले हुए चावल के पानी के साथ दो चुटकी सोंठ का चूर्ण मिलाकर माथे पर लगाएं। इससे सिर दर्द में तुरंत लाभ मिलेगा। कहा जाता है. कि अक्सर चावल का रोजाना भोजन करते रहने से माईग्रेन को रोगियों को भी फायदा पहुंचता है चावल उड़ाते समय ४लौंग और आधा चम्मच सौंठ पावडर डालें ।

3.चावल के पीच (मांड)को गुड़ मिला कर पीने से वजन बढ़ता है शरीर पुष्ट होता है।

4.चावल का पीच (मांड ) में बेल का चूर्ण मिलाकर पीने से संग्रहणी रोग ठीक हो जाता है ।

5.चावल के पीच (मांड) में काला नमक और लाल मिर्च पाउडर मिलाकर पीने से ब्लड प्रेशर बढ़ता है।

६.100, ग्राम चावल को 400,मिली ग्राम पानी में भिगो कर रखें २घंटे बाद छान कर पानी अलग करलें उस पानी में नींबू का रस मिलाकर बाल धुलने से रूसी दूर होती है।

7., लद्दाख और तिब्बत  के रहने वाले चावल को सड़ा कर एनर्जी ड्रिंक बनाते हैं जिसे वह छंग कहते हैं

 

यशपाल सिंह आयुर्वेद रत्न

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