सर्दी लगना*
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सर्दियों में होनेवाले रोगों में मुख्य है नजला
ज़ुकाम खांसी
हाथों में सूजन ह्रदय रोग सभी सर्दी से होने
वाली व्याधि के लिए आगे एक आयुर्वेदिक चाय (क्वाथ)का योग बतायेंगे जो अनुभूत है और
सर्दियों से होने वाले रोगो से बचाता है।
सर्दियों में होने वाला वायरस: सर्दी-जुकाम का
मुख्य कारण वायरस होता है. ये वायरस हवा में मौजूद बूंदों के ज़रिए फैलते हैं. जब
कोई बीमार व्यक्ति छींकता या खांसता है, तो ये वायरस हवा
में फैल जाते हैं तभी तो परिवार में एक को होने के बाद ज़ुकाम परिवार में सभी को
होता है इसका कारण है प्रतिरक्षा प्रणाली कमज़ोर होना: अगर आपकी प्रतिरक्षा
प्रणाली कमज़ोर है या आपको कोई पुरानी बीमारी है, तो आपको
सर्दी लगने की संभावना ज़्यादा होती है.
धूम्रपान: धूम्रपान करने वालों को सर्दी लगने
का खतरा ज़्यादा होता है और उनकी सर्दी ज़्यादा गंभीर होती है.
उम्र: शिशु और छोटे बच्चे सर्दी के प्रति
ज़्यादा संवेदनशील होते हैं
छोटे बच्चों के लिए एक अनुभूत योग:अजवायन १०,
ग्राम हरी इलायची ४नग मुलैठी१०, ग्राम एक
पान बंगाली अदरख १५, ग्राम गुड़ ५०, ग्राम को
२०० मिली पानी में पकाना यादें जब पानी आधा रह जाये छानकर एक कांच की शीशी में
भरकर रखें प्रतिदिन आयु के अनुसार आधी से एक चम्मच गुनगुने पानी में मिलाकर पीने
को दें शिशु और छोटे बच्चे सर्दी ज़ुकाम से बचाता है रोग प्रतिरोधक शक्ति को
बढ़ाता है।
नीलगिरी और नारियल का तेल मिलाकर पैर के तलवों
पर लगा कर मौजे पहनादें नाक पर औरगले पर भी लगायें एक ही दिन में बच्चों का ज़ुकाम
ठीक हो जाता है।
बच्चों की नाक में सरसों का तेल लगायें
एक प्याज का टुकड़ा पैरो के तलवो पर लगाकरमौजे
पहनादे बच्चों का नजला ज़ुकाम बंद नाक को आराम मिलता है।
ऋतु: सर्दी-जुकाम साल के किसी भी समय हो सकता
है, लेकिन यह पतझड़ और सर्दियों में या बरसात के मौसम में ज़्यादा आम है.
विटामिन डी की कमी: ठंड के मौसम में धूप कम
मिलती है, जिससे विटामिन डी की कमी हो जाती है.
नींद की कमी: अनियमित या अपर्याप्त नींद आपकी
प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रभावित कर सकती है.
सर्दी से बचने के लिए ये उपाय अपनाएं:
सर्दी-जुकाम से पीड़ित किसी के साथ नज़दीकी
संपर्क से बचें ,कारण · सर्दी से पीड़ित
व्यक्ति आपके पास छींकता, खांसता या नाक साफ करता है · आप
वायरस से संक्रमित किसी चीज़ को छूने के बाद अपनी नाक, आंख या
मुंह को छूते हैं, जैसे कि कोई खिलौना या दरवाजे की कुंडी ।
सामान्य जुकाम - संक्रमण -
सामान्य जुकाम · कई
अलग-अलग वायरस सर्दी का कारण बनते हैं। · आमतौर पर,
सर्दी तब फैलती है, जब किसी व्यक्ति के हाथ संक्रमित
व्यक्ति से नाक के स्राव के संपर्क में आते हैं। · सर्दी
अक्सर खरोंच या गले में खराश या नाक में असुविधा होना बारंबार छींके आना
1 दिन में जुकाम कैसे ठीक करें? · सुबह
में तुलसी का काढ़ा पिएं। · गुनगुने पानी में नमक डाल कर गरारा
करें। · हल्दी दूध का सेवन करें। · श्वास नली के
बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए भाप लें। · गुनगुने
पानी का सेवन करे
खूब सारा तरल पदार्थ पिएं: सुनिश्चित करें कि
आप खूब सारा पानी पिएं। गले की खराश को शांत करने के लिए, आप शहद
या हर्बल चाय के साथ गर्म नींबू का रस पी सकते हैं। सूप खाने के लिए एक अच्छा
विकल्प है क्योंकि यह गले की खराश को दूर करता है।
हर्बल क्वाथ या आयुर्वेदिक चाय
#अर्जुन छाल 100, ग्राम
मुलैठी 50, ग्राम
दालचीनी 25, ग्राम
बबुने के फूल 25, ग्राम
हरी इलायची10, ग्राम
छाया में सुखाए तुलसी के पत्ते 20, ग्राम
या जब भी चाय बनायें 4, ताजी हरी पत्ती तुलसी की
लौंग 5, ग्राम
सर्दियों में अदरख भी मिलाना चाहिए
का मोटा मोटा चूर्ण बनाकर रख लें गुड़ डालकर
चाय बनायें चीनी खाने से बचें दूध चाहें तो डाल सकते हैं
सर्दियों में होने वाले रोगो से बचाती है शरीर
में अंदर से गर्माहट लाती है खराब कोलेस्ट्रॉल को निकालती है रक्त संचार को नियमित
करती है सर्दी से आने वाला ज्वर उतर जाता है यदि ज्वर हो तो चाय में एक आधा चम्मच
अजवायन और डालें ,बाजार की चाय पत्ती के स्थान पर आप इसका प्रयोग
कर सकते हैं।
सिर दर्द नाक बंद होना बारबार छींके आने पर
अजवायन को हल्का भूनकर एक पोटली बनाकर सूंघने से छींके आना बंद हो जाती हैं हरा
धनिया सूंघने से भी बार बार छींके आना बंद हो जाती है हल्दी और अजवायन की भाप लेना
चाहिए हल्दी वाला दूध पीना सर्दियों के वायरल ज्वर को ठीक करने में सहायक है।
गले में दर्द कफ न निकल रहा हो सूखी खांसी के
लिए अनुभूत योग
20, ग्राम सोंठ
20, ग्राम कालीमिर्च
20, ग्राम छोटी पिपल
50, ग्राम
मुलैठी का चूर्ण बनाकर एक एक चम्मच शहद
मिलाकर चाटने से सूखी खांसी ठीक हो जाती है और जमा हुआ कब बाहर आ जाता है
सर्दी के कारण नजला, जुकाम,
और फेफड़ों का संक्रमण एक आम समस्या है जो कई लोगों को प्रभावित करती
है। यहाँ कुछ निदान और आयुर्वेदिक चिकित्सा हैं जो आपको इस समस्या से निपटने में
मदद कर सकते हैं:
*निदान:*
1. _नजला और जुकाम_:
नजला और जुकाम के लक्षणों में छींक आना, नाक बहना,
और गले में खराश शामिल हैं।
2. _फेफड़ों का
संक्रमण_: फेफड़ों के संक्रमण के लक्षणों में खांसी, सीने में
दर्द, और सांस लेने में परेशानी शामिल हैं।
3. _श्वसन प्रणाली
की जांच_: श्वसन प्रणाली की जांच करने से फेफड़ों के संक्रमण का पता लगाया जा
सकता है।
*आयुर्वेदिक चिकित्सा:*
सितोपलादि चूर्ण लक्ष्मी विलास रस उपयोगी औषधि
है
1. _तुलसी_: तुलसी
एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है जो श्वसन प्रणाली को स्वस्थ बनाने में मदद करती है।
2. _अदरक_: अदरक
एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है जो श्वसन प्रणाली को स्वस्थ बनाने में मदद करती है।
3. _काली मिर्च_:
काली मिर्च एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है जो श्वसन प्रणाली को स्वस्थ
बनाने में मदद करती है।
4. _शहद_: शहद
एक आयुर्वेदिक पदार्थ है जो श्वसन प्रणाली को स्वस्थ बनाने में मदद करता है।
5. _गुनगुना पानी_:
गुनगुना पानी पीने से श्वसन प्रणाली को स्वस्थ बनाने में मदद मिलती
है।
6. _भाप लेना_:
हल्दी और अजवायन की भाप लेने से श्वसन प्रणाली को स्वस्थ बनाने में
मदद मिलती है।
7. _योग और
प्राणायाम_: योग और प्राणायाम करने से श्वसन प्रणाली को
स्वस्थ बनाने में मदद मिलती है।
8. _आयुर्वेदिक चाय_:
आयुर्वेदिक चाय पीने से श्वसन प्रणाली को स्वस्थ बनाने में मदद मिलती
है।
*आयुर्वेदिक नुस्खे:*
1. _तुलसी और अदरक
का काढ़ा_: तुलसी और अदरक का काढ़ा बनाकर पीने से श्वसन
प्रणाली को स्वस्थ बनाने में मदद मिलती है।
2. _काली मिर्च और
शहद का मिश्रण_: काली मिर्च और शहद का मिश्रण बनाकर खाने से
श्वसन प्रणाली को स्वस्थ बनाने में मदद मिलती है।
3. _गुनगुना पानी और
नींबू का मिश्रण_: गुनगुना पानी और नींबू का मिश्रण बनाकर पीने से
श्वसन प्रणाली को स्वस्थ बनाने में मदद मिलती है।
देशी घी और नमक छाती पर हल्के हाथ से मालिश
करने से छाती में जमा कफ पिघल कर निकल जाता है।
हल्का व्यायाम तथा योग प्राणायाम अनुलोम विलोम
कपाल भाती करने से सर्दी से होने वाली समस्या से बचा जा सकता है स्वास्थ्य वर्धक
और मौसम के अनुकूल आहार और सावधानी सर्दी से होने वाले रोगो से बचाता हैं अधिक आयु
के बुजुर्गो को सर्दी से बचाव ही चिकित्सा है।
याद रखें कि यदि आपको नजला, जुकाम,
या फेफड़ों का संक्रमण है, तो तुरंत
आयुर्वेदिक चिकित्सक से संपर्क करें और उचित उपचार प्राप्त करें।
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