*जिमीकंद या सुरन *



  जिमीकन्द एक गर्म तासीर की सब्जी है जो सर्दियों में शरीर के तापमान को बनाते रखती है भारत के गड़वाल कुमायूं अंचलों में जम्मू कश्मीर हिमाचल प्रदेश जहां सर्दी अधिक पड़ती है सर्दियों में खाई जाती है सुरन का धार्मिक महत्व भी है उत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में दिवाली के दिन सुरन की सब्जी बनाई जाती है यह कच्चा नहीं खाया जा सकता इसकी सब्जी भी छीलकर उबाल कर या तल कर बनाई जाती है  ।

 

  जिमीकंद एक सब्जी है जो उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में उगती है। हाथी के पैरों की तरह दिखने के कारण, इसे जिमीकंद कहा जाता है। यह ज्यादातर अफ्रीका में खाई जाती है, लेकिन इसके अलावा यह भारत सहित कई एशियाई देशों में इस्तेमाल की जाती है। और हिंदी में इसे सुरन भी कहा जाता है। एक जिमीकंद 30 किलो वजन तक का होता है। यह हमें कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है जिमीकंद में ऐसे खनिज पाए जाते हैं जो हमारे शरीर के कार्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक हैं। ये खनिज तांबा, सेलेनियम, फास्फोरस, जस्ता, पोटेशियम और मैग्नीशियम है। एलिफंट फूट यैम में बड़ी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है। इसमें एक बहुत बड़ी मात्रा में कार्ब्स और ओमेगा 3 फैटी एसिड होते हैं जो ऊर्जा और जीविका के लिए महत्वपूर्ण हैं

 जिमीकंद में बैटेटाइटोस्टेरोल, गैलेक्टोज, सिलोयस, बीटीलिनिक एसिड, ल्यूपोल, स्टगमास्टरोल और एमायलेज जैसे बहुत सारे यौगिक हैं।

 

जिमीकंद या सूरन में कई पोषक तत्व होते हैं और यह सेहत के लिए फ़ायदेमंद होता है. हालांकि, इसका सेवन कुछ लोगों को नहीं करना चाहिए. जिमीकंद के फ़ायदे और नुकसान के बारे में जानकारीः

जिमीकंद में विटामिन बी6, विटामिन सी, पोटैशियम, आयरन, फ़ाइबर, कैल्शियम, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, और ज़िंक जैसे तत्व होते हैं.

जिमीकंद में एंटी-इंफ़्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं.

जिमीकंद में मौजूद फ़ाइबर कोलेस्ट्रॉल लेवल कम करने में मदद करता है.

जिमीकंद में मौजूद पोटैशियम पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है.

जिमीकंद में मौजूद आयरन खून की कमी को दूर करता है.

जिमीकंद में मौजूद कॉपर लाल रक्त कोशिकाओं को बढ़ाता है.

जिमीकंद को खाने से मेमोरी पावर बढ़ती है.

जिमीकंद को बवासीर, सांस रोग, खांसी, आमवात, और कृमिरोगों के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है.

जिमीकंद को गर्मी में खाने की सलाह नहीं दी जाती.

जिन लोगों को किडनी की समस्या है, उन्हें डॉक्टरों की सलाह से ही जिमीकंद खाना चाहिए

 

  अगर आपके शरीर में खून की कमी है तो जिमीकंद का सेवन करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। इसमें काफी अधिक मात्रा में आयरन पाया जाता है, जो शरीर से खून की कमी को दूर करता है।

 दीवाली पर शुभ मानी जाती है जिमीकंद की सब्जी, सेहत के लिए भी नहीं है किसी वरदान से कम दीवाली के मौके पर कुछ खास क्षेत्रों में जैसे- बिहार और उत्तर प्रदेश में जिमीकंद की सब्जी बनाने का रिवाज है। इस सब्जी को काफी शुभ माना जाता है और।

 

ओल की तासीर गर्म होती है इसलिए इसे गर्मी में खाने की सलाह नहीं दी जाती है. वहीं ओल का सेवन कम मात्रा में करना चाहिए. ओल को जब तक अच्छी तरह पका न लें तब तक इसे न खाएं ।

 

Piles से लेकर कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियो का काल है  जिमीकंद में पाया जाने वाला कॉपर लाल रक्त कोशिकाओं को बढ़ाकर शरीर में ब्लड के फ्लो को दुरुस्त करता है और आयरन ब्लड सर्कुलेशन को ठीक करने में मदद भी करता है. ... सूरन दिमाग तेज करने में भी मददगार है अलमाइजर रोगी को लाभ करती है. इसे खाने से मेमोरी पावर बढती है आयुर्वेद के अनुसार जिमीकंद उन लोगों को नहीं खाना चाहिए, जिनको किसी भी प्रकार का चर्म रोग हो। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को भी इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

 

 जिमीकंद में सूजन को कम करने वाले गुण पाएं जाते हैं। जो गठिया जैसे रोग की सूजन को कम करने में मदद करता है। इसमें दर्द को कम करने वाले गुण भी होते हैं और यह गठिया और अन्य दर्द के मामले में प्रभावी साबित हो

 

 फायदेमंद होता है। ... जिमीकंद के रस के सेवन से उल्टी, जी मिचलाना, दस्त और सिरदर्द जैसे दुष्प्रभाव हो सकते हैं।

जिमीकंद में विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाने में मदद करते हैं। इन बातों का रखें ध्यान. हालांकि, जिमीकंद खाने के कई फायदे हैं, लेकिन कुछ लोगों को इससे एलर्जी हो ...

 

 कैंसर के ट्यूमर को बनने से रोकने के लिए जिमीकंद फायदेमंद साबित हो सकता है। जिमीकंद में फाइबर और एंटी ऑक्‍सीडेंट बहुत अधिक मात्रा में होता है जो कैंसर सेल्‍स की सुरक्षा करता है।

 

 इसके अलावा इसमें मौजूद जिंक आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने, वाटर रेगुलेशन के लिए पोटेशियम, मजबूत हड्डियों के लिए कैल्शियम और फास्फोरस और विटामिन ए पाए जाते हैं जो एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट हैं। जिमीकंद में ओमेगा 3 फैटी एसिड की एक उच्च सामग्री पाई जाती है। ये अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं। इस तरह जिमीकंद हृदय रोग, स्ट्रोक और कैंसर को रोकने में मदद करता है। जिमीकंद में शक्तिशाली एंटीकायगुलेंट यौगिक होते हैं जो दिल के दौरे को रोकने में मदद करते हैं पुरुषत्व को बढ़ाता है इलेक्ट्राल डिस्फंक्शन को खत्म करता है

 हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं में सुझाया है, जिससे उनको अच्छे प्रभाव देखने को मिले हैं

जिमीकंद शुगर (मधुमेह) से पीड़ित लोगों के लिए एक स्वस्थ विकल्प है क्योंकि इसकी कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स (रक्त शर्करा धीरे धीरे बढ़ाता है) होता है। इसको 90 दिनों तक खाने से रक्त में शर्करा का स्तर कम होता है और इंसुलिन या रक्त शर्करा की मात्रा कम हो जाती है जो एक व्यक्ति की चीनी की जरूरतों को कम करती है।

 

 कैंसर

जिमीकंद में बहुत अधिक मात्रा में फाइबर पाया जाता है जो प्रोबायोटिक बैक्टीरिया के लिए एक अद्भुत घर है जिससे आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में सहायक है। यह बृहदान्त्र कैंसर को रोकने में मदद करता है। इसके अलावा इसमें डायस्पेंनिन भी शामिल है। जिस पर कैंसर के उपचार और रोकथाम के लिए शोध किया जा रहा है।

 

वजन कम करना

जिमीकंद के सेवन से आप भरा हुआ महसूस करते हैं जिससे आपको जल्दी से भूख नहीं लगती है। और इस तरह आप अपना वजन कम कर सकते हैं। आप इसे भुन सकते हैं या सेंक सकते हैं, लेकिन अगर आप अपना वजन कम करना चाहते हैं या अपने अन्य स्वास्थ्य लाभों का आनंद लेने के लिए इसे तलने से बचें।

 

गठिया

जिमीकंद में सूजन को कम करने वाले गुण पाएं जाते हैं। जो गठिया जैसे रोग की सूजन को कम करने में मदद करता है। इसमें दर्द को कम करने वाले गुण भी होते हैं और यह गठिया और अन्य दर्द के मामले में प्रभावी साबित हो सकता है।

 

बवासीर

यह सब्जी आमतौर पर उन लोगों को खाने की सलाह दी जाती है जो बवासीर के लिए इलाज करवा रहे हैं। यह अनियमित आँतों के कार्यों को कम करने में मदद करता है और कब्ज का इलाज करता है।

जिमीकंद बहुत ही अच्छा लिवर को साफ़ करने वाला एजेंट है क्योंकि इसमें बहुत अधिक फाइबर होता है जो विषाक्त पदार्थों से लिवर को साफ करने में मदद करता है। (

 

तनाव के लिए दवा है जिमीकंद -

जिमीकंद के आरामदायक प्रभाव तंत्रिका तंत्र पर डायजेपाम (diazepam) की तरह होते हैं। यह तनाव के लिए बहुत ही अच्छी दवा है। इसका सेवन शरीर को ठंडा करने में मदद करता है।

 

जिमीकंद के अन्य फायदे -

यह निम्न रक्तचाप को कम करने में मदद करता है।

जिमीकंद भी एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने और कार्डियोवास्कुलर रोग, स्ट्रोक और कैंसर को रोकने में मदद करता है। (और पढ़ें - स्ट्रोक का इलाज)

जो महिलाएं इसका सेवन करती है उनका हार्मोनल संतुलन अच्छा रहता है।

 

प्रोटेस्ट

जिमीकंद, छाछ और इमली को एक साथ उबालकर सेवन करें।  बढ़े हुए प्रोस्टेट के लिए यह बहुत अच्छा इलाज है।

जिमीकंद भी दस्त और पेट में दर्द और गैस में मदद करता है।

जिमीकंद खाने से मांसपेशियों की ऐंठन को रोकने में भी मदद मिलती है।

 

*दीपावली के दिन सूरन की सब्जी*

 

दीपावली के दिन सूरन की सब्जी बनती है,,,सूरन को जिमीकन्द (कहीं कहीं ओल) और कांद भी बोलते हैं, आजकल तो मार्केट में हाईब्रीड सूरन आ गया है,, कभी-2 देशी वाला सूरन भी मिल जाता है ! दीपावली के 3-4 दिन पहले से ही मार्केट में हर सब्जी वाला (खास कर के उत्तर भारत में) इसे जरूर रखता है ! और मजे की बात है कि इसकी लाइफ भी बहुत होती है !

 

बचपन में ये सब्जी फूटी आँख भी नही सुहाती थी ! लेकिन चूँकि यही सब्जी बनती थी तो झख मारकर इसे खाना ही पड़ता था ! तब मै सोचता था कि पापा लोग कितने कंजूस हैं जो आज त्यौहार के दिन भी ये खुजली वाली सब्जी खिला रहे हैं, माँ बोलती थी जो आज के दिन सूरन नहीं खायेगा अगले जन्म में छछुंदर का जन्म लेगा,यही सोच कर अनवरत खाये जा रहे है कि छछुंदर न बन जायेl

 

खाने के बाद हर कोई यह जरूर पूछता था कि तुम्हारा गला तो नहीं काट रहा है ?

 

बड़े हुए तब सूरन की उपयोगिता समझ में आई,,

 

सब्जियो में सूरन ही एक ऐसी सब्जी है जिसमें फास्फोरस अत्यधिक मात्रा में पाया जाता है, और अब तो मेडिकल साइंस ने भी मान लिया है कि इस एक दिन यदि हम देशी सूरन की सब्जी खा ले तो स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में महीनों फास्फोरस की  कमी नही होगी, यह बवासीर से लेकर कैंसर जैसी भयंकर बीमारियों से बचाए रखता है। इसमें फाइबर, विटामिन सी, विटामिन बी-6, विटामिन बी-1 और फोलिक एसिड होता है। साथ ही इसमें पोटेशियम, आयरन, मैग्नीशियम और कैल्शियम भी पाया जाता है !

 

मुझे नही पता कि ये परंपरा कब से चल रही है लेकिन सोचीए तो सही कि हमारे लोक मान्यताओं में भी वैज्ञानिकता छुपी हुई होती थी ,धन्य हों हमारे पूर्वज जिन्होंने विज्ञान को हमारी परम्पराओं, रीतियों और संस्कारों में पिरो दिया *पूर्वजों को शत -शत नमन*

अपने आहार में जिमीकंद को शामिल करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

जो लोग अस्थमा, साइनस संक्रमण या त्वचा रोग से पीड़ित हैं  माताओं या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसके सेवन से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

यशपाल सिंह आयुर्वेद रत्न

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