स्वास्थ्य और स्वाद के कुछ महत्वपूर्ण सूत्र*


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बंद गोभी की सब्जी बनाते समय उसमें आधा चम्मच चीनी डाले लें। सब्जी का स्वाद बढ़ेगा तथा रंग प्राकृतिक रहेगा पोषक तत्वों में वृद्धि होगी ।

 

भिंडी की सब्जी बनाते समय उसे काटने में बाद थोड़ा नींबू निचोड़ दे तो उसका चिकना पन दूर होगा। सब्जी कुरकुरी बनेगी पाचन जल्दी होगा।

 

जिमीकंद की सब्जी बनाते समय उन्हें काटकर उबालते समय उसमें एक चम्मच हरड़ पाउडर डाल दें। तो जिमिकंद गले में नहीं लगेगा तथा उसका उबला  पानी फेंक दें। कारण वह असर उसमें भी आ जाता है और पाचन ठीक होगा।

 

सूजी का हलवा बनाते समय थोड़ा सा बेसन भी साथ भून ले हलवा ज्यादा स्वादिष्ट बनेगा।

 

मूंग की दाल बनाने से पहले उसे खाली कड़ाही में हल्का से भून लें फिर बनायें। ज्यादा स्वादिष्ट बनेगी।

 

पूरियां बनाने के लिये आटा गूंधते समय थोड़ी सूजी मिला दें तो पूरी अधिक समय तक फूली रहेगी व स्वादिष्ट रहेगी।

 

अगर आप बिल्कुल कम घी तेल की सब्जी बनाना चाहती है तो आप अन्य कड़ाही न बनाकर नॉन स्टिक में बनाये तो जलने चिपकने का डर नहीं रहेगा।

 

अगर आपको अरबी की रसेदार सब्जी पसंद है तो आप उसे बनाने के बाद थोड़ी सरसों पीसकर डाल दें और एक उबाल दें स्वाद बढ़ जायेगा।

 

तुलसी अगर नित्य तुलसी की 5-6 पत्तियों का सेवन करते रहेंगे तो रोग आप से दूर रहेगा।

 

विटामिन सी जरूर लें, सबसे अधिक विटामिन सी आंवला में पाया जाता है। हरी पत्तेदार सब्जी फल लें इससे शरीर के रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती है।

 

प्रोटीन दालों  और मांसमें परचूर मात्रा में होता है प्रोटीन- ये हमारे शरीर में एण्टीबॉडी की तरह कार्य करके बाहरी रोगाणुओं से हमारी रक्षा करता है।

 

इन सब के बावजूद साकारात्मक विचार रखें। कारण नाकारात्मक विचार से ही आदमी असफलता की ओर जाता है और दुखी रहता है। अपनी आवश्यकतायें बढ़ाने की कोशिश न करें। इसे पूरा करने के लिये हमेशा तनाव बना रहता है।

 

तांबे के बर्तन का पानी पिये- रात में भर कर रखें सुबह पियें ताबें के पात्र में रखा पानी गंगाजल के समान पवित्र होता है।।

यशपाल सिंह आयुर्वेद रत्न 

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