कला जीरा
*काला जीरा*
*आयुर्वेद सरल चिकित्सा*
सर्दियों में केसर के समान उपयोगी है यह तासीर में गरम और स्वाद में हल्का कड़वा होता है।
*--------------------------------*
भारतीय मसालों में एक दुर्लभ और बेशकीमती मशाला है काला जीरा जो अपने औषधिय गुणों से अनेक रोगों के उपचार में सहायक है जिसका खाने में प्रयोग विशेष रूप से सर्दी के मौसम में अधिक उपयोगी है।
काला जीरा के औषधीय उपयोग
खाने के स्वाद को बढ़ाने के लिए हर घर में कई अलग-अलग तरह की चीजों का उपयोग किया जाता है। इसी में से है काला जीरा, जो भारत का एक प्राचीन मसाला है, जिसके स्वाद में हल्की सी कड़वाहट होती है। गर्म तासीर होने की वजह से सर्दियों में इसका ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। काला जीरा में स्वास्थ्य लाभ होने की वजह से औषधि के रूप में भी उपयोग होता है।
काला जीरा की बनावट सामान्य जीरे जैसी होती है लेकिन इसका रंग काला होता है और आम जीरे से कुछ मोटा होता है। अगर आप शरीर में जमा फैट जल्द से जल्द कम करना चाहते है तो केवल एक महीने तक काले जीरे का नियमित सेवन करें।
काला जीरा के फायदे -:
खून की कमी दूर करने के लिए - अगर शरीर में खूल की कमी हो तो इसी दूर करने के लिए लोग तरह-तरह की दवा का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में आप काले जीरे का सेवन कर सकते हैं, क्योंकि इसमें आयरन की भरपूर मात्रा होती है और यह रक्त में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाता है।
अस्थमा में - काला जीरा शरीर में ऑक्सीजन का सभी हिस्सों में पहुंचना सुचारु करता है। श्वास के मरीजों को इसके भरपूर लाभ मिलते हैं श्वास के रोगी साम को गरम पानी में भिगो कर रख दें सुबह 10 मिनटतक गरम करें फिर जीरे को चबाकर खाजाये उपर से वही पानी पीलें। इसमें थायमोक़्यीनॉन नामक एक खास तत्व होता है जो दमे को रोकने बहुत कारगर है।
शरीर की गंदगी बाहर निकालने में - एक व्यक्ति के शरीर में विभिन्न कारणों से गंदगी आ जाती हैं जिन्हें शरीर पसीने और फुंसियों के रूप में बाहर निकालता है। जीरे काकुछ दिन तक इस्तेमाल शरीर की शोधन करने की प्रक्रिया को तेज करता है और गंदगी मुंहासों और फुंसियों के तौर पर बाहर नहीं आती। आपकी त्वचा साफ और सुंदर बनी रहती है।
आर्थराइटिस जोड़ों के दर्द में काले जीरे का सेवन कलौंजी और कुटकी के साथ चूर्ण बना कर एक एक चम्मच सुबह शाम गरम पानी से करने से रोग ठीक हो जाता है।
काला जीरे के सेवन से पेशाब खुलकर आता है गुर्दे की सफ़ाई करता है पुरुषों मे पुरुषत्व को बढ़ाता है महिलाओं में मासिक धर्म को नियमित करता है।
नजला जुकाम खांसी सिर दर्द के लिए काले जीरे और मुलैठी के चूर्ण को शहद के साथ दिन में 3-4बार सेवन करने से ठीक हो जाते हैं।
काला जीरा खून में ग्लूकोज की मात्रा तेजी से कम करता है इसलिए शुगर के रोगीयों के लिए अच्छी दवाई है परंतु इसे लगातार और अधिक मात्रा में नहीं लेना चाहिए।
आयुर्वेद के विद्वानों का मत है काला जीरा पेनक्रियाज के रोगों में अति उपयोगी औषधि है।
काला जीरा गैस को बाहर करता है कोई भी गैस और एसीडिटी की चूर्ण बिना काले जीरे के उपयोगी नहीं है।
काले जीरे के प्रयोग से बढ़ी हुई प्रोस्टेट ग्लैंड कम हो जाती है और रोगी को पेशाब खुलकर आता है।
यह लेख आयुर्वेद ग्रंथों से प्राप्त जानकारी के आधार पर काले जीरे के विषय में सामान्य जानकारी प्रदान करताहै। यह आयुर्वेद(आचार्य) चिकित्सक का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने आयुर्वेद चिकित्सक से परामर्श करना उचित है।
यशपाल सिंह आयुर्वेद रत्न 9837342534
Comments
Post a Comment