अमृत समान हैं प्रकृतिक पदार्थ


*स्वास्थ के लिए अमृत समान हैं यह प्रकृतिक पदार्थ और  शरीर मन और बुद्धि को क्रिया शील रखने के लिए  आवश्यक है योगा अभ्यास आपको रोगी होने से बचाते हैं ये 8 चीज़ों का उपयोग यदि आप सही मात्रा और सही समय पर सेवन कराते हैं, ।

-------------------------------------

1 जल - 

यह प्राकृतिक औषधि है। प्रचुर मात्रा में शुद्ध जल के सेवन से शरीर में जमा कई तरह के विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।


2 रसदार फल - 

संतरा, मौसमी आदि रसदार फलों में भरपूर मात्रा में खनिज लवण तथा विटामिन सी होता है  गर्मियों में तरबूज खरबूजा । प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में ये महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं जूस नहीं फल खायें।


3 गिरीदार फल -

सर्दी के मौसम में बादाम अखरोट काजू पिस्ता चिरोंजी किशमिश छुआरे खजूर गिरीदार फलों का सेवन फायदेमंद होता है। इन्हें रात भर भिगोकर रखने व सुबह   दूध के साथ, खाने से आधे घंटे पहले लेने से बहुत लाभ होता है गर्मियों में इन्हें खाने से बचना चाहिए।


4 अंकुरित अनाज -

अंकुरित अनाज (जैसे मूंग, मोठ, चना आदि) तथा भीगी हुई दालों का भरपूर मात्रा में सेवन करें। अनाज को अंकुरित करने से उनमें उपस्थित पोषक तत्वों की क्षमता बढ़ जाती है गेहूं का ज्वारा कैंसर से बचाता है विरुद्ध आहार का विचार कर सेवन करें।


5 सलाद -

भोजन के साथ सलाद का उपयोग अधिक से अधिक करें। भोजन का पाचन पूर्ण रूप से हो, इसके लिए सलाद का सेवन जरूरी होता है। ककड़ी खीरा , टमाटर, प्याज गर्मियों के मौसम में मूली, गाजर, पत्तागोभी, प्याज, चुकंदर आदि सर्दियों के मौसम में प्याज और काली तुरही की सलाद बरसात के मौसम में ध्यान  रहे खीरा ककड़ी खरबूजा तरबूज बरसात और सर्दियों में नहीं खाने चाहिए वात रोग हो सकता है सलाद को जहां तक हो खाने के पहले चरण में खायें मतलब पहले के आधे खाने के साथ खाने के बाद के चरण में या खाने के बाद सलाद नहीं खाना चाहिए खाने के बाद में आया सलाद पाचनशक्ति को कमजोर करता है अम्लता बढ़ाता है गैस बनाता है ।


6 चोकर सहित अनाज -

गेहूं, ज्वार, बाजरा, मक्का जैसे अनाज का सेवन चोकर सहित करें रेसे दार सब्जीयां  खायें और चावल बिना पोलिस उतरा ब्राउन राइस खाये। इससे कब्ज नहीं होगी तथा प्रतिरोध क्षमता चुस्त-दुरुस्त रहेगी सफ़ेद चीनी की अपेक्षा ब्राउन शुगर या गुड़ का अधिक से अधिक प्रयोग करें।


7 तुलसी और शहद - 

यह एंटीबायोटिक, दर्द निवारक और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी फायदेमंद है। रोज सुबह तुलसी के 3-5 पत्तों का सेवन करें एक चम्मच शुद्ध शहद रोज खायें ।


8 योग - 

योग व प्राणायाम वैदिक विधि से किया गया क्रमा अनुसार किया गया व्यायाम योग कहलाता है योग शरीर को स्वस्थ और रोगमुक्त रखने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं किसी योग्य योगा चार्य की सलाह अथवा देख-रेख में किया गया योगाभ्यास अधिक उत्तम फलदाई है और स्वस्थ रहने में सहायक है

यह पोस्ट सामान्य जानकारी उपलब्ध कराती है किसी भी चिकित्सा अथवा आयुर्वेद चिकित्सक की सलाह अथवा चिकित्सा का विकल्प नहीं है

यशपाल सिंह आयुर्वेद रत्न 9837342534।

Comments

Popular posts from this blog

अरंडी का तेल

धतूरा

तिल का तेल