आदर्श दिनचर्या



आदर्श  दिनचर्याअपनाकर देखिए, बीमारियों से कोसों दूर रहेगा आपका शरीर !


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अगर हमारे शरीर को स्वस्थ रखना है तो इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाना बहुत जरूरी है ताकि वो हमारे शरीर पर हमला करने वाले बैक्टीरिया से लड़ सके. यहां जानिए ऐसे कुछ आयुर्वेदिक नियम जिनको फॉलो करने से इम्यून सिस्टम बूस्ट होता है और शरीर हेल्दी रहता है*


*दवा सिर्फ बोतलों और गोलियों में नहीं होती।*


*व्यायाम दवा है।*

*सुबह की सैर दवा है।*

*उपवास दवा है।*

*गहरी नींद भी दवा है।*

*प्राकृतिक चिकित्सा दवा है।*

*नियमित योग करना दवा है।*

*सकारात्मकता दवा है।*

*हमेशा खुश रहना दवा है।*

*हंसी और हास्य भी दवा है।*

यज्ञ भी दवा है सभी तो हैं आदर्श दिन चर्या का हिस्सा और स्वस्थ रहने के बहूमूलय सूत्र।

हमेशा कहा जाता है कि खुश रहा करो, ये सिर्फ एक वाक्य नहीं है, इसके वास्तव में कई मायने हैं. जो लोग खुश रहते हैं और खुलकर हंसते हैं, उनके शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति सही ढंग से होती है. इससे उनका इम्यून सिस्टम तो बेहतर होता ही है, इसके अलावा हृदय, फेफड़े और मांसपेशियां उत्तेजित होते हैं. मस्तिष्क से एंडोर्फिन हार्मोन निकलते हैं, जिससे तनाव कम होता है और तनाव की वजह से होने वाली तमाम समस्याओं से बचाव होता है. इसलिए खुलकर हंसने की आदत डालें.


हमें बचपन में सिखाया गया है कि खाना खाते समय बोलना नहीं चाहिए. लेकिन हम इस नियम को मानते नहीं. आयुर्वेद के मुताबिक शांति से भोजन करने से हम न सिर्फ खाने के स्वाद का आनंद ले पाते हैं, ​बल्कि तृप्त होकर भोजन करते हैं. इससे हमें बार बार भूख का अहसास नहीं होता. खाया हुआ भोजन हमारे शरीर को लगता है और हमारा शरीर अंदर से बलवान बनता है. 

हमें बचपन में सिखाया गया है कि खाना खाते समय बोलना नहीं चाहिए. लेकिन हम इस नियम को मानते नहीं. आयुर्वेद के मुताबिक शांति से भोजन करने से हम न सिर्फ खाने के स्वाद का आनंद ले पाते हैं, ​बल्कि तृप्त होकर भोजन करते हैं. इससे हमें बार बार भूख का अहसास नहीं होता. खाया हुआ भोजन हमारे शरीर को लगता है और हमारा शरीर अंदर से बलवान बनता है.


शरीर की मालिश करने की आदत डालिए. इससे न सिर्फ शरीर का रूखापन खत्म होता है बल्कि ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है. स्किन शाइन करती है और पाचन क्रिया बेहतर होती है. पाचन क्रिया में सुधार आने से अपच, वायु और पित्त विकार, बवासीर, अनिद्रा आदि तमाम  बीमारियों से शरीर का बचाव होता है.  


आजकल भोजन में शुद्धता नहीं रह गई है. हम प्रदूषण, केमिकलयुक्त भोजन करने के आदि बनते जा रहे हैं और इस कारण भी हमारा इम्यून सिस्टम कमजोर हो रहा है. इससे बचने के लिए गुनगुना पानी पीने की आदत डालिए. गुनगुने पानी में सूक्ष्म गुण होते हैं जो शरीर की सूक्ष्म जल वाहिकाओं में गहराई से प्रवेश कर अशुद्धियों को बाहर निकालते हैं.


आयुर्वेद में हमेशा अच्छी तरह दांत और जीभ की सफाई की बात कही गई है. इससे मुंह के बैक्टीरिया दूर होते हैं. इससे तमाम बैक्टीरिया हमारे शरीर में नहीं जा पाते और शरीर तमाम बीमारियों से बचा रहता है. 

यशपाल सिंह आयुर्वेद रत्न 

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