मिक्स आटा*
दुनिया की भूक शांत करने में आज गेंहू पहले स्थान पर है वैज्ञानिक शोध बताते हैं गेंहू खाते जाने वाले सबसे ख़राब अनाजों में से एक है परन्तु प्रति हेक्टेयर गेंहू की उपज और सबसे अधिक और लागत सबसे कम है विश्व की ८००करोड से अधिक आबादी का पेट भरने के लिए गेंहू से बेहतर विकल्प और होही नहीं सकता गेंहू में ग्लुटेन की मात्रा अधिक होती है जो मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकर है आज भारत में डायबिटीज के प्रमुख कारणों में एक कारण गेंहू और केवल गेंहू का उपयोग भी है उधर गेंहू उत्पादन में अंधाधुंध फर्टिलाइजर और पेस्टिसाइड का प्रयोग मनुष्य को ह्रदय लिवर और किडनी का रोगी बना रहा है।
भारतीय खाद्य परंपरा में मोटे अनाजों का महत्वपूर्ण स्थान प्राचीन काल से रहा है इनमें फायबर और आवश्यक पोषक तत्व (विटामिन्स मिनरल्स खनिज पदार्थ) प्रचूर और संतुलित मात्रा में पायेजाते है जो व्यक्ति को स्वस्थ रखने में सहायक है।
बहुत व्यक्तियों ने फोन तथा मैसेज द्वारा पूछा गया मल्टीग्रेन आटा बनाने के लिए किस किस अनाजों को मिलायें और मात्रा क्या हो जिससे रोटी का स्वाद भी ठीक रहे और स्वास्थ वर्धक भी हो।
मल्टीग्रेन आटा से बनी रोटी/चपाती
मल्टीग्रेन आटा क्या होता है और अच्छा क्यों होता है?
यह विभिन्न अनाजों जैसे साबुत गेहूं, जई, बाजरा और अन्य आवश्यक अनाजों से बना मिक्स आटा है , जो हमारे शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है। यह आटा बेहतर पाचन, हृदय स्वास्थ्य में सुधार, रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने, तृप्ति में वृद्धि और समग्र रूप से बेहतर योगदान देता है.
मल्टीग्रेन आटा
सामग्री-
1 किलो गेहूं
100 ग्राम बाजरा
100 ग्राम ज्वार
100 ग्राम जौ
100 ग्राम रागी
100 ग्राम अलसी
100 ग्राम मक्की
100 ग्राम चना
100 ग्राम मूंग
अलसी और मूंग आप चाहें तो न मिला यें अलसी से रोटी का स्वाद बदल जाता है परंतु लाभदायक अधिक है
गर्मियों के मौसम में बाजरा नहीं भी मिलायें तो कोई बात नहीं
इन सब अनाज को एक साथ मिला कर पीस कर के आटा बना ले या फिर सब आटा इसी मात्रा में ले कर मिला ले. एक डिब्बे में भर के रख ले.... रोटी बनाते समय( pink salt ) दो चुटकी सैंधा नमकमिलाये और आटा लगा के 10 मिनट ढक कर रख दे, फिर रोटी, परांठा, पूरी बनाएं....बहुत ही स्वादिष्ट लगता है और पोष्टिक भी है.विशेष डायबिटीज के रोगी और जिन्हें कोस्ट वदधता की शिकायत रहती है पेट साफ नहीं होता यह आटा की रोटी अवश्य खायें । पेट साफ करने की किसी दवाई की आवश्यकता नहीं होगी
यशपाल सिंह आयुर्वेद रत्न
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