*उत्तम स्वास्थ सेहत से बड़ा कोई धन नहीं हैं।*
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लोकोक्ति यह भी है स्वस्थ शरीर में स्वस्थ बुद्धि निवास करती है और स्वस्थ बुद्धि और स्वस्थ मन में स्वस्थ और रचनात्मक विचार आते हैं।
*उत्तम स्वास्थ्य और रोग रहित बलिष्ठ शरीर तथा प्रखर बुद्धि के लिए सेहत का उत्तम होना आवश्यक है कहते हैं स्वस्थ शरीर में ही सुंदर मन और आत्मा और तर्क शक्ति युक्त बुद्धि निवास करती है।
*आधुनिक चिकित्सा विज्ञान जिसे मिनरल्स और विटामिन कहता है आयुर्वेद उन्हें शरीर के लिए आवश्यक धातुऐं और पोषक तत्व कहता है व्यक्ति के विविधता पूर्ण पोष्टिक भोजन और दिन चर्चा को व्यवस्थित करने से उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है तथा अलग से विटामिन लेने की आवश्यकता नहीं होती।
*अगर आपकी सेहत अच्छी है तो आप हर काम को दिल से करेंगे, अगर शरीर में किसी तरह की कोई कमजोरी है तो कोई भी काम करनेमें आपकी दिलचस्पी ही नहीं रहेंगी। शरीर सुस्त हो जाएगा। इसके लिए रोज फल, हरी सब्जियां और प्रोटीन युक्त आहार लें लेकिन उससे भी जरूरी बात यह है कि कुछ चीजें सही समय पर ही खाई जाए।
* मानव स्वास्थ इस बात पर निर्भर करता है आप के खानै में अम्ल की अपेक्षा क्षार की मात्रा अधिक हो कुछ खाद्य पदार्थों में एसिड की मात्रा ज्यादा होती हैं इसलिए उन्हें खाली पेट खाना आपके लिए नुकसानदेह हो सकता है। दही, कच्चे टमाटर, केला आदि को खाली पेट खाना अच्छा नहीं मानते हैं लौकी ककड़ी तोरी गाजर मूली ब्रोकली (बंद गोभी)का जूस क्षारीय है खाली पेट लेना अमृत के समान है। वहीं हल्के गुनगुने पानी को पीकर दिन को अच्छा और हेल्दी बनाया जा सकता है। यहां तक कि खाली पेट, चाय और कॉफी पीना भी नुकसानदायक होता हैयह एसिटिक है।
*आइए जानते हैं कि कैसी चीजों को खाली पेट नहीं खाना चाहिए:*
*1. सोडा:* सोडा में उच्च मात्रा में कार्बोनेट एसिड होता है। अगर आप इसे खाली पेट पी लेंगे तो आपको उल्टी आ सकती है और आपको बेचैनी महसूस हो सकती है।
*2. टमाटर:* टमाटर में भी एसिड की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जिसकी वजह से अगर इसे खाली पेट खाया जाए तो यह पेट में अघुलनशील जेल का निर्माण कर देता है जो पेट में स्टोन बनने का कारण बन जाता है।
*3. दवाईयां:* अक्सर ऐलोपैथिक दवाओं के लिएडॉक्टर को आपने यह सलाह देते सुना होगा कि खाली पेट दवाई न खाएं क्योंकि इससे भी पेट में एसिड की शिकायत आती है जिससे शरीर में असंतुलन पैदा हो जाता है इसके उल्ट आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवाएं खाली पेट खाने से अधिक प्रभावी होती हैं ।
*4. एल्कोहलः* शराब तो वैसे भी सेहत के लिए हानिकारक है लेकिन खाली पेट तो यह और भी नुकसान पहुंचाती है। इसके सेवन से पेट में जलन होने लगती है, जिसकी वजह से खाना ठीक से पचता नहीं है।
*5. चटपटा भोजन:* कभी भी खाली पेट किसी भी प्रकार के चटपटे भोजन का सेवन न करें। इसमें नेचुरल एसिड होता है जो पेट के हाजमे को बिगाड़ देता है। कई बार इससे पेट में मरोड़ भी आने लगते हैं।
*6. कॉफी:* खाली पेट, कॉफी का सेवन सबसे अधिक घातक होता है। इसमें कैफीन होती है जो खाली पेट लेने पर आपको बेहाल कर सकती है। कुछ खाने को न हों, तो एक गिलास पानी ही पी लें।
*7. चाय:* कॉफी की तरह चाय पीना भी अच्छा नहीं होता है। चाय में उच्च मात्रा में एसिड होता है, जिसकी वजह से पेट में दर्द हो सकता है।
*8. दही:* दही स्वास्थ्यकारी होता है लेकिन खाली पेट, इसका सेवन करने से बचना चाहिए पेट में मरोड़ उठ सकती है।
*9. केला:* खाली पेट केला खाने से शरीर में मैग्नीशियम की मात्रा काफी बढ़ जाती है, जिसकी वजह से शरीर में कैल्शियम और मैग्नीशियम की मात्रा में असंतुलन हो जाता है जिससे हाइपर एसिडिटी हो सकती है।
*10. शकरकंद:* शकरकंद में टैन्नीन और पैक्टीन होता है, जिसे खाली पेट खाने पर गैस्ट्रिक एसिड की समस्या हो जाती है। इससे सीने में जलन हो सकती है।
*11. खीरा : खीरे में एसिड होता है इसलिए ख़ाली पेट खीरा नहीं खाना चाहिए खाली पेट खीरा खाने से पेट दर्द हो जाता है ।
*. कोल्ड ड्रिंक या पैक्ड जूस और फूड कोल्ड ड्रिंक में कैफ़ीन की उच्च मात्रा होती है तथा पैक्ड जूस तथा डिब्बा बंद फूड को खराब होने से बचाने के लिए wait venegr याAcitic acid अथवा sodium benzoat मिलाता जाता है इसलिए ख़ाली पेट यह नहीं खाने चाहिेए हां घर निकल कर जूस पी सकते हैं सबसे स्वास्थ्यकारी फलों को खाना है ।
*आंखें बहुत ही अनमोल हैं I*
क्या आप आपनी आंखों का ख्याल अपनी त्वचा जितना ही रखते हैं। शायद आपका जवाब न हों लेकिन आंखें बहुत ही अनमोल हैं। इसकी वजह से ही हम इस खूबसूरत दुनिया को देखते हैं, इसलिए अपनी आंखों के बारे में सोचना शुरू करें और इसकी रोशनी सदा बनाएं रखें।
आंखों से प्यार हैं तो छोटी-छोटी बातों का ख्याल रखें जैसे धूप से आंखों को बचाइए। कही बाहर से आये हैं तो आंखों में पानी के छींटे मारें ताकि धूल-मिट्टी निकल जाए।
आंखों की रोशनी बरकरार रखने के लिए खाने पीने का खास ध्यान रखें। कुछ पदार्थ खाने से आंखों को आराम मिलता है सर्दी के मौसम में आंवला और गाजर पालक बहुतायत में उपलब्ध होती है । इन्हें अपनी खुराक में शामिल करें। मौसमी फल और सब्जियों का सेवन करें। ताज़ा निकाल कर जूस पीएं और तनावमुक्त रहने का प्रयास करें।
*बादाम और अखरोट दूध:* एक सप्ताह में कम से कम तीन बार, बादाम वाला दूध पीएं। इसमें विटामिन ई होता है जो आंखों के लिए फायदेमंद होता है। इसके सेवन से त्वचा में भी चमक आ जाती है। आप चाहें तो इस दूध में चुटकी भर काली मिर्च का पाउडर भी डाल सकते हैं।
*गाजर का जूस:* सर्दियों के दिनों में गाजर बहुत अच्छी आती है। उन दिनों गाजर का जूस निकाल दिन में एक बार पी लें। आप चाहें तो इसमें घिसा नारियल और 1 चम्मच शहद भी मिला लें, इससे जूस का स्वाद बहुत अच्छा हो जाता है।
*सौंफ:* सौंफ के दानों को रात भर भीगने के लिए रख दें। इसके बाद, अगली सुबह खाली पेट इसके पानी का सेवन कर लें।
*आंवला जूस *:यह कषाय है और कषाय पेट में जाकर क्षार का निर्माण करता है इसे सुबह खाली पेट पीना चाहिए। इससे आंखों की रोशनी अच्छी हो जाती है और इससे वजन भी घटता है।
*अरंडी के तेल की बूंद:* आंखों की रोशनी अच्छी करने के लिए अरंडी के तेल की एक-एक बूंद आंखों में डालें। अगर आंखों में खुजली हो तो इसका प्रयोग ना करें।
(*समान भाग त्रिफला को दाने दार पीसकर चूर्ण बना लें
५, ग्राम चूर्ण को साम को आधालीटर पानी में भिगोकर रखें सुबह उठकर डबल कपड़े में छानकर आंख धुलें ध्यान रहे पानी आंख में जाना चाहिए।तथा १००, ग्रामहरड़ २००बहेड़ा ३०० आंवला २५ , ग्राम दखनी मिर्च के बारीक पिसे चूर्ण को सुबह एक चम्मच शहद अथवा गुड़ के साथ खाने यें तथा रात को सोते समय नाभी पर शुद्ध देसी गाय का घी लगायें )उपर लिखे प्रयोग से लेखक ने अपनी आंखों पर लगने वाले+२.५ , नम्बर लेंस का चश्मा उतारने में सफ़लता पायी है और आज मुझे 65 आयु में भी चश्मे की कोई आवश्यकता नहीं है ,पूर्णतय मेरा व्यक्तिगत अनुभूत प्रयोग है।
*विटामिन ई और ए :बादाम, गाजर, सूरजमूखी के बीज,अलसी मूंगफली तिल तथा पपीता, मेंसभी विटामिन के स्त्रोत होते हैं। इनके सेवन से आंखें बहुत अच्छी रहती हैं। इनके सेवन की आदत डाल लें और अपनी दैनिक खुराक में इन्हे शामिल कर लें।
*विटामिन ए :अमरूद, संतरे, अनानास, लाल और हरी मिर्च और शिमला मिर्च में विटामिन ए काफी पर्याप्त मात्रा में होता है। इन्हे खाएं, ताकि आपकी आंखें हमेशा अच्छी रहें और कभी उन पर चश्मा न लगे।
*विटामिन सी :तरबूज, दूध, टमाटर, लैट्टस, अंगूर में विटामिन सी होता है जो आंखों को हमेशा कूल रखता है। इसलिए इनका सेवन भी आवश्यक होता है।
* शेष अपने आयुर्वेद चिकित्सक तथा आहार विशेषज्ञ से सलाह करें।
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यह पोस्ट सामान्य जानकारी उपलब्ध कराती है किसी भी चिकित्सा अथवा आयुर्वेद चिकित्सक की सलाह अथवा चिकित्सा का विकल्प नहीं है।
यशपाल सिंह आयुर्वेद रतन
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