डेंगू से बचाव

 

*बरसात के मौसम में जरा सी सावधानी बचा सकती है डेंगू मलेरिया तथा संक्रमण रोगों से!*


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बारिश के मौसम में डेंगू ऐसी बीमारी है जो बहुत ज्यादा फैल जाती है. दरअसल, डेंगू बारिश में इसलिए भी खतरनाक होता है क्योंकि डेंगू का लार्वा नमी मिलते ही सक्रिय हो जाता हैं। आपको जानकर हैरानी होगी जहां मरम्मत या निर्माण का काम चल रहा होता है वहां डेंगू का लार्वा सबसे ज्यादा पाया जाता है. यहां पानी भरे होने के कारण लार्वा जल्दी एक्टिव हो जाता है.


ये तो आप जानते ही हैं डेंगू मादा एडिस एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता हैं. डेंगू के लक्षणों में तेज बुखार, जोड़ों में दर्द, मसल्स में और हड्डियों में दर्द की शिकायत, शरीर पर लाल चकते पड़ना, सिरदर्द होना और हल्की ब्लीडिंग होना बहुत आम है.


लेकिन क्या आप जानते हैं बारिश के मौसम में भी आप डेंगू से बच सकते हैं. बस इसके लिए आपको थोड़ा सचेत होने की जरूरत है. जानिए, डेंगू वायरल से बचने के लिए आपको क्या करना होगा.


आपके आसपास और घर में बारिश का पानी कहीं भी भरा दिखता है तो उसको तुरंत निकाल दीजिए. घर में प्लास्टिक के बर्तन, ड्रम या पुरानी चीजें जिनमें पानी भर सकता है, उन्हें ढककर या उल्टा करके रखें.


त्वचा पर रिपेलन्ट लगाकर रखें. आप चाहे तो रिपेलन्ट के तौर पर स्प्रे, लोशन या पैचेज या सबसे बेहतर और सुरक्षित है नीम का तेल नीम के तेल को आप लोशन की तरह प्रयोग कर सकते है।


रिसर्च के मुताबिक, मानसून के मौसम में खासकर बारिश के वक्त गहरे रंग के कपड़े ना पहनें क्योंकि इससे मच्छर आपकी ओर आकर्षित हो सकते हैं. मच्छर के काटने से बचने के लिए परिवार के हर सदस्य को पूरी बाजू के कपड़े और फुल ट्राउजर पहनाकर रखें.


आपको घर के अंदर फूल रखना पसंद हैं लेकिन ये ध्यान रहे कि फूलदान में पुराना पानी ना हो और रोजाना इसे साफ करें और मच्छर के अंडों को वहां से साफ करते रहें.


कपडों को अंधेरे में सुखाने से बचें क्योंकि इससे मच्छर का कपडो में छुपना आसान होता है. यदि आप इस मौसम में कहीं बाहर जा रहे हैं तो बाथरूम और सभी बर्तन ढककर जाएं ताकि उसमें मच्छर ना पनपे.


घर के छोटे-छोटे कोने को साफ रखें. खिड़की-दरवाजों से मच्छर अंदर ना आ पाएं इसके लिए घर पूरी तरह से बंद रखें. घर के आसपास कीटनाशक दवाएं डालें और नाले खाली रखें.


यदि घर में किसी को बुखार दो दिन से है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं.


बारिश के समय ताजे फल और सब्जियां खाएं. बाहर का खाना खाने से बचें. फल और सब्जियां खाने से पहले साफ पानी में पहले अच्छी तरह से धोएं. देर तक कटे हुए फल और सब्जियां ना खाएं. हाथ धोकर खाना खाएं और बांसी भोजन बिल्कुल ना खाएं. बारिश के मौसम में बहुत सारी सब्जियां या फल स्टोर करके ना रखें बल्कि ताजा फल और सब्जियां खरीद कर लाएं.


बारिश के मौसम में बहुत सारी बीमारियां लग जाती हैं साथ ही व्यक्ति का इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है. यानी प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है ऐसे में ऑयली खाना खाने से बचें. साथ ही जल्दी पचने वाले भोजन का सेवन करें.


ज्वर होने पर महा सुदर्शन चूर्ण एक एक ग्राम दिन में तीन बार और अमृता रिस्ट ३०_३०मिली दिन में तीन बार लेने से ज्वर उतर जाता है ।


डेंगू होने पर अतिबला का  ताजा स्वरस और काली मिर्च चूर्ण मिलाकर पीने से  ज्वर उतर जाता है रोगी ठीक हो जाता है या अतिबला पंचाग छाया में सुखा या गया 20, ग्राम काली मिर्च 5, ग्राम का चूर्ण बना कर 3, ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम गुनगुने पानी से सेवन करने से डेंगू मलेरिया ठीक हो जाता है करंजवा पंचांग भी वात शलेमीक (मलेरिया डेंगू चिकनगुनिया) की अच्छी औषधी है गिलौय हरी उंगली की बराबर मोटी और चार अंगुल लम्बी को घोंटकर ४काली मिर्च का का चूर्ण मिलाकर सुबह साम पीने से ज्वर उतर जाता है प्लेटलेट्स काउंट कम होने पर पपीता के पत्ते हरे और द्रोण गुप्पी के पत्ते अथवा पंचांग गिलौय काली मिर्च  मिलाकर स्वरस पीना लाभकारी है।

आयुर्वेद चिकित्सा में महा सुदर्शन चूर्ण 1/2, ग्राम सत गिलोय 1/2, ग्राम बसंत मालती रस 1/2गोली यह ऐक खुराक है दिन में 3से4खुराक शहद के साथ देना चाहिए खाने के बाद अमृता आरिष्ट 25मीली दिन में दो बार दोगुना पानी मिलाकर लेना चाहिए 

चिकित्सा आयुर्वेद चिकित्सक की देखरेख में ही करायें।

होम्योपैथी दवाई यूपीटोरियम परफ और जेनशियन चिरायता  आर्सेनिक अल्बा x30अच्छी दवाये है होम्योपैथी चिकित्सक की सलाह से सेवन कर सकते है



यशपाल सिंह आयुर्वेद रत्न 

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